मध्यवर्ग की स्त्रियां
मध्यवर्ग की स्त्रियां
वो निम्नवर्ग की औरतों सी
बीड़ीयों के धुऐं नही उड़ाती
और ना ही उनके जैसे
मर्दो सी भारी भरकम गालियां बकती,
दक्षिणी सूडान की औरतों की तरह
जो पानी की किल्लत के लिए परेशान हैं
एक गैलन बोतल के बदले
किसी के भी साथ सोने को तैयार हो जाती,
वो अपनी जरूरते
इस ढंग से पूरी नहीं करती,
वो उच्चवर्ग की औरतों सी
किसी क्लब में बैठ
सिगरेट के कश नहीं भरती
ना ही लेती है रैड वाईन की चुस्कियां
उनके लिऐ दैहिक स्वतंत्रता ही अंतिम लक्ष्य नहीं
और ना ही वो जानती है किसी
जिगोलो शब्द की सर्विसेज
मध्यवर्ग की औरतों बंधी रहती है
नैतिकता के कच्चे धागो से
उनकी हर कहानी किसी राजकुमारी की
राजकुमार से शादी पर ही खत्म हो जाती है,
और इससे आगे के चुल्हे चौंके के
सुखी जीवन से वो खुद ही बंध जाती
मध्यवर्ग की औरतें अपनी
अपनी बच्चियों को वो सब
आजादी से
करते देखना चाहती जो वो
खुद ना कर सकी कभी पर साथ ही
वो उन्हे हूबहू अरने जैसा बना देना चाहती
बंधी हुई
किसी राजकुमार की कहानी से
राजकुमारी सी
मध्यवर्ग की औरते
किसी द्वंद सी होती है,
जिसमें आजाद होने की ख्वाहिशे भी है,
और बंधनो में रहने की आदत भी......
वो निम्नवर्ग की औरतों सी
बीड़ीयों के धुऐं नही उड़ाती
और ना ही उनके जैसे
मर्दो सी भारी भरकम गालियां बकती,
दक्षिणी सूडान की औरतों की तरह
जो पानी की किल्लत के लिए परेशान हैं
एक गैलन बोतल के बदले
किसी के भी साथ सोने को तैयार हो जाती,
वो अपनी जरूरते
इस ढंग से पूरी नहीं करती,
वो उच्चवर्ग की औरतों सी
किसी क्लब में बैठ
सिगरेट के कश नहीं भरती
ना ही लेती है रैड वाईन की चुस्कियां
उनके लिऐ दैहिक स्वतंत्रता ही अंतिम लक्ष्य नहीं
और ना ही वो जानती है किसी
जिगोलो शब्द की सर्विसेज
मध्यवर्ग की औरतों बंधी रहती है
नैतिकता के कच्चे धागो से
उनकी हर कहानी किसी राजकुमारी की
राजकुमार से शादी पर ही खत्म हो जाती है,
और इससे आगे के चुल्हे चौंके के
सुखी जीवन से वो खुद ही बंध जाती
मध्यवर्ग की औरतें अपनी
अपनी बच्चियों को वो सब
आजादी से
करते देखना चाहती जो वो
खुद ना कर सकी कभी पर साथ ही
वो उन्हे हूबहू अरने जैसा बना देना चाहती
बंधी हुई
किसी राजकुमार की कहानी से
राजकुमारी सी
मध्यवर्ग की औरते
किसी द्वंद सी होती है,
जिसमें आजाद होने की ख्वाहिशे भी है,
और बंधनो में रहने की आदत भी......
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